युवा लेखकों के लिए मेंटरशिप योजना की शुरुआत

Education

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा लेखकों के लिए मेंटरशिप योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की है कि वे हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों, उनसे जुड़ी घटनाओं और अपने क्षेत्र से स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी वीरता की गाथाओं के बारे में लिखें। यह योजना अज्ञात नायकों, अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय आंदोलन सहित संबंधित विषयों में उनकी भूमिका जैसे विषयों पर लेखकों की युवा पीढ़ी के दृष्टिकोण को एक नवाचारी और रचनात्मक रूप से सामने लाने के लिए इंडिया@75 परियोजना का हिस्सा है।

इस योजना की शुरुआत 29 मई, 2021 को की गई है। योजना के अंतर्गत प्रतियोगिता की अवधि 1 जून से 31 जुलाई, 2021 तक निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत (NBT India) के माध्यम से आयोजित की जाने वाली अखिल भारतीय प्रतियोगिता के जरिये कुल 75 लेखकों का चयन किया जाएगा। 30 वर्ष से कम उम्र के प्रतियोगियों को इस योजना के तहत एक उचित पुस्तक के रूप में विकसित करने के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन करने के लिए 5 हजार शब्दों में एक पांडुलिपि जमा करनी होगी।

चयनित लेखकों के नामों की घोषणा 15 अगस्त, 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की जाएगी। मेंटरशिप के आधार पर चयनित लेखकों को नामांकित सलाहकारों/ मेंटर्स के मार्गदर्शन में अंतिम चयन के लिए पांडुलिपियां तैयार करनी होगी और विजेताओं की प्रविष्टियां 15 दिसंबर, 2021 तक प्रकाशन के लिए तैयार की जाएंगी। प्रशिक्षण और मेंटरशिप के अंत में प्रत्येक लेखक को 50 हजार रूपये प्रति माह की समेकित छात्रवृति छह महीने तक दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए एनबीटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं।

ऐसे ले सकते हैं प्रतियोगिता में भाग

इस योजना के तहत प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए युवाओं को एनबीटी की ऑफिशियल वेबसाइट, nbtindia.gov.in पर विजिट करना होगा। इसके बाद, होमपेज पर उपलब्ध संबंधित योजना के लिए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद, एप्लीकेशन फॉर्म को पूरी तरह से भर कर अपनी प्रविष्टि के साथ इसे nbtyoungwriters@gmail.com पर भेजना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Education

सरकारी स्कूलों में पहली बार पढ़ाएंगे पीजीटी स्पेशल एजुकेशन शिक्षक

टीजीटी स्पेशल एजुकेशन ही 12वीं तक के छात्रोें को पढ़ाने से और उनकी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने से संबंधित कार्य करते थे। वहीं, समावेशी

Education

ई. श्रीधरन ने दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को दी ‘लाइफलाइन’

मेट्रोमैन के नाम से मशहूर 89 वर्षीय ई. श्रीधरन को कोंकण रेल और दिल्ली मेट्रो समेत देश के कई बड़े मेट्रो प्रोजेक्ट में उनका अहम